क्या आज के दौर में वाकई एक नए समाचार पत्र की आवश्यकता थी?
जी हाँ, अत्यंत आवश्यकता थी, इसी आवश्यकता की पूर्ति हेतु यह समाचार पत्र लाया गया है। लेकिन एक प्रश्न स्वाभाविक रूप से दिमाग में उठता है कि जब …
ताजा खबरें, स्थानीय अपडेट और संपादकीय प्राथमिकता के आधार पर चुनी गई स्टोरीज़।
जी हाँ, अत्यंत आवश्यकता थी, इसी आवश्यकता की पूर्ति हेतु यह समाचार पत्र लाया गया है। लेकिन एक प्रश्न स्वाभाविक रूप से दिमाग में उठता है कि जब …
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब आधिकारिक तौर पर सिर्फ एक कॉरपोरेट चर्चा का विषय नहीं रह गया है, बल्कि हमारे समय का सबसे बड़ा आर्थिक चालक बन चुका है। …
वह भी क्या दौर था, जब सरकारी दफ्तरों में एक कुर्सी या कंप्यूटर खरीदने के लिए टेंडर की मोटी-मोटी फाइलें धूल फांकती थीं। महीनों का इंतजार, बाबूगिरी का …
भोपाल। भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के स्मरण से होती है। विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता गजानन नई शुरुआत, ज्ञान, और …
इंदौर। आज 14 सितंबर को पूरा देश हिंदी दिवस मना रहा है। 'देश दर्पण संवाद' के प्रथम संस्करण के शुभारंभ के लिए इससे अधिक गौरवमयी अवसर और क्या …