राजस्थान के डेजर्ट नेशनल पार्क में संरक्षण केंद्र में पले गोडावण को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया।
वैज्ञानिक संरक्षण का महत्वपूर्ण चरण
केंद्र सरकार, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान के संयुक्त प्रयासों से पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
निगरानी से मिलेगी नई जानकारी
पक्षियों की गतिविधियों और अनुकूलन पर वैज्ञानिक निगरानी रखी जाएगी। इससे विलुप्तप्राय प्रजाति की भविष्य की संरक्षण रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।