इंदौर। देश की आर्थिक और शैक्षणिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र इंदौर में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी युवाओं, प्रतियोगी छात्रों और शोधार्थियों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर आगामी 19 सितंबर को इंदौर के दौरे पर आ रहे हैं। उनके बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' को इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने रीजनल पार्क के सामने स्थित आईडीए ग्राउंड में आयोजित करने की आधिकारिक अनुमति जारी कर दी है।
तीन दिवसीय आयोजन
यह समग्र आयोजन 17 से 19 सितंबर तक चलेगा, जिसके अंतिम दिन यानी 19 सितंबर को राहुल गांधी सीधे छात्रों से रूबरू होंगे। संवाद सत्र से पहले बॉलीवुड के चर्चित पार्श्व गायक राघव चैतन्य और रैपर लश-करी विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
जमीनी स्तर पर लामबंदी: 32 जोनों में बंटा शहर
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और युवा कांग्रेस ने पूरे इंदौर महानगर को 32 जोनों में बांटकर प्रभारियों की नियुक्ति की है, ताकि हॉस्टलों, लाइब्रेरी, कोचिंग संस्थानों और कॉलेज परिसरों से सीधे छात्रों के मुद्दे जुटाए जा सकें।
रविवार को इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा और रोजगार के बीच का तालमेल पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने हालिया NEET पेपर लीक और अन्य भर्ती परीक्षाओं में सामने आई विसंगतियों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी अनियमितताओं ने देश के लाखों मेधावी छात्रों के सपनों पर पानी फेर दिया है।
राहुल गांधी के शब्दों में, "भारत की शिक्षा व्यवस्था उस युवा पीढ़ी को निराश कर रही है, जिसके कंधों पर देश का भविष्य है।"