रियाद। वैश्विक पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र से उत्साहजनक खबर सामने आई है। कभी जंगलों से विलुप्त मान लिए गए दुर्लभ अरेबियन ओरिक्स की आबादी में संरक्षण कार्यक्रमों के कारण लगातार सुधार दर्ज किया गया है।
प्रजनन और पुनर्वास कार्यक्रमों का असर
अरब और खाड़ी देशों में कई दशकों से चलाए जा रहे कृत्रिम प्रजनन और पुनर्वास कार्यक्रमों ने इस प्रजाति को दोबारा प्राकृतिक आवास में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की समीक्षा में इसकी स्थिति में सुधार को सफल संरक्षण प्रयासों का उदाहरण माना गया है।
ऑस्ट्रेलिया से भी अच्छी खबर
ऑस्ट्रेलिया के दूरस्थ क्षेत्र में लंबे समय से दुर्लभ मानी जा रही छोटी कंगारू प्रजाति नाबारलेक को वन्यजीव कैमरों में फिर सक्रिय देखा गया है। इसकी मौजूदगी से वैज्ञानिकों को स्थानीय पारिस्थितिकी और प्रजाति संरक्षण पर आगे अध्ययन करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार इन सफलताओं से स्पष्ट है कि वैज्ञानिक निगरानी, सुरक्षित आवास और दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं के जरिए संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाया जा सकता है।