नई दिल्ली। दुनिया के दो सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार और पड़ोसी देश, अमेरिका और कनाडा के बीच एक बार फिर व्यापारिक तनाव (ट्रेड वॉर) गहरा गया है। आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव इतना बढ़ गया है कि अमेरिका ने कनाडा से आने वाले डेयरी उत्पादों और कई अन्य सामानों के आयात पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।

अमेरिका का आरोप है कि कनाडा अपने डेयरी बाजार को जरूरत से ज्यादा सुरक्षा दे रहा है, जिससे अमेरिकी किसानों को वहां अपना सामान बेचने में नुकसान हो रहा है। दूसरी ओर, कनाडा का पक्ष यह रहा है कि उसकी नीतियां घरेलू किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई हैं और वह अपने बाजार को पूरी तरह खोलने के लिए तैयार नहीं है।

अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या होगा प्रभाव?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यापारिक युद्ध का नुकसान दोनों देशों को उठाना पड़ेगा। महंगाई का डर, व्यापारियों को नुकसान, रोजगार पर असर और निवेशकों में अनिश्चितता जैसे प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के टकराव से तीसरे देशों को भी एक मौका मिल सकता है कि वे उस बाजार में अपनी पैठ बनाएं।

फिलहाल दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।