भारत की युवा और कार्यशील आबादी देश की सबसे बड़ी शक्तियों में शामिल है। यह वर्ग अर्थव्यवस्था, उद्योग, व्यापार, विज्ञान, तकनीक, प्रशासन और सामाजिक जीवन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शिक्षा और कौशल सबसे जरूरी
युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और सही मार्गदर्शन मिले तो वे देश की विकास यात्रा को नई ऊंचाई दे सकते हैं। बदलती तकनीक के दौर में डिग्री के साथ कौशल विकास भी आवश्यक है।
रोजगार के साथ उद्यमिता पर जोर
सरकार और उद्योग जगत का दायित्व केवल नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना भी है जिसमें युवा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। स्टार्टअप, MSME, डिजिटल अर्थव्यवस्था, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
करियर मार्गदर्शन की जरूरत
स्कूल और कॉलेज स्तर पर करियर काउंसलिंग मजबूत करने की आवश्यकता है। युवाओं को भविष्य के क्षेत्रों, जरूरी कौशल, प्रशिक्षण विकल्पों और स्वरोजगार की संभावनाओं की विश्वसनीय जानकारी मिलनी चाहिए।
परिवार, शिक्षण संस्थान, मीडिया, सरकार और सामाजिक संगठन मिलकर युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं। अवसर और आत्मविश्वास मिलने पर यही युवा शक्ति देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार बनेगी।