नई दिल्ली। Government e-Marketplace यानी GeM पर सरकारी ऑर्डर की डिलीवरी पूरी करने के बाद विक्रेता के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल भुगतान का होता है। सामान पहुंचा देना प्रक्रिया का अंत नहीं है; समय पर भुगतान के लिए PRC, CRAC और ऑनलाइन बिल से जुड़े चरण सही तरीके से पूरे करना जरूरी है।

डिलीवरी के बाद PRC

सामान विभाग तक पहुंचने के बाद खरीदार या अधिकृत अधिकारी उसकी प्राप्ति दर्ज करता है। इसे Provisional Receipt Certificate यानी PRC कहा जाता है। विक्रेता को सुनिश्चित करना चाहिए कि पोर्टल पर डिलीवरी की तारीख, मात्रा और संबंधित दस्तावेज सही दर्ज हों।

CRAC क्यों महत्वपूर्ण है?

सामान के निरीक्षण और स्वीकृति के बाद Consignee Receipt and Acceptance Certificate यानी CRAC जारी किया जाता है। इससे पुष्टि होती है कि खरीदार ने सामान प्राप्त कर उसे स्वीकार कर लिया है। भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाने में यह महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

ऑनलाइन बिल और भुगतान

CRAC जारी होने के बाद विक्रेता को GeM पर ऑनलाइन invoice जमा करना होता है। सभी दस्तावेज सही होने पर भुगतान निर्धारित समयसीमा में होना चाहिए। किसी Bid की STC या ATC शर्तों में अलग समयसीमा या अतिरिक्त दस्तावेज हो सकते हैं, इसलिए ऑर्डर की शर्तें ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

GeM की भूमिका

GeM खरीद और भुगतान के लिए डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराता है, लेकिन भुगतान करने की जिम्मेदारी संबंधित खरीदार विभाग की होती है। पोर्टल प्रक्रिया को दर्ज और पारदर्शी बनाता है, जबकि वास्तविक भुगतान खरीदार संस्था जारी करती है।

भुगतान में देरी हो तो क्या करें?

  • PRC और CRAC की स्थिति पोर्टल पर जांचें।
  • Invoice, delivery proof और acceptance documents मिलाएं।
  • Buyer या consignee से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें।
  • समाधान न होने पर grievance सुविधा में शिकायत दर्ज करें।
  • सभी दस्तावेज और बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

सही दस्तावेज, समय पर follow-up और पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड भुगतान संबंधी विवादों को कम कर सकते हैं।